सभी ज्योतिष मित्रों को मेरा निवेदन हे आप मेरा दिया हुवा लेखो की कोपी ना करे में किसी के लेखो की कोपी नहीं करता, किसी ने किसी का लेखो की कोपी किया हो तो वाही विद्या आगे बठाने की नही हे कोपी करने से आप को ज्ञ्नान नही मिल्त्ता भाई और आगे भी नही बढ़ता , आप आपके महेनत से तयार होने से बहुत आगे बठा जाता हे धन्यवाद ........
जय द्वारकाधीश
जन्मकुंडली में राजयोग है...! 2025 नामांकन भरा है केजरीवाल ने...! / शश राजयोग 18 जनवरी 2025 को बना है....!
जन्मकुंडली में राजयोग है...!
वैदिक ज्योतिष शास्त्र विद्या में कभी-कभी एक बड़ा विरोधाभास देखने को मिलता है। कई बार जब जातक किसी ज्योतिषी के पास अपनी जन्मकुंडली लेकर जाता है, तो उसे राजयोग एवं उसकी अनुकूल ग्रहदशा के बारे में बताया जाता है।
यह सुनकर जातक के मन में उम्मीदों का एक नया महल खड़ा हो जाता है, लेकिन हकीकत के धरातल पर जब वह अपने जीवन को देखता है, तो वहां केवल कड़ा संघर्ष, असफलता और मानसिक तनाव ही दिखाई देता है, ऐसा क्यों।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र विद्या में जातक की जन्मकुंडली में तो गजकेसरी योग है, पंचमहापुरुष मालव्य योग जैसे महान राजयोग विद्यमान हैं, उसकी ग्रह - दशा भी अनुकूल है लेकिन फिर भी उसके जीवन में संघर्ष, असफलता और मानसिक तनाव ही दिखाई देता है।
आखिर ऐसा क्यों होता है, क्या महर्षि पराशर, भृगु ऋषि और जैमिनी जैसे ऋषियों के ज्योतिष सूत्र असत्य हैं, या फिर ज्योतिष के गणित में कोई बहुत बड़ी कमी रह गई है। आधुनिक समय में किए गए ज्योतिषीय शोध बताते हैं कि ऋषियों के सूत्र कभी असत्य नहीं होते।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र विद्या में राजयोग तभी फलता है जब व्यक्ति उस फल को ग्रहण करने योग्य हो। यह पात्रता कई तत्वों से बनती है, जैसे व्यक्ति का मानसिक विश्वास, उसके संस्कार, उसकी आदतें, उसकी संगति तथा स्वयं को जानने की उत्कंठा।
अक्सर ज्योतिषियों के पास ऐसे लोग आते हैं, जिन्हें स्वयं के उपर रत्ती भर भी विश्वास नहीं होता कि वे सफल हो जाएंगे, वे बार-बार ज्योतिषी से एक ही बात को घुमा-फिरा कर पूछते रहते हैं।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र विद्या का अनुभव बताता है कि अगर आप खुद नहीं मानते कि आप सफल हो सकते हैं, तो जन्मपत्री का राजयोग भी फल देने में असमर्थ हो जाता है।
इस का कारण है राजयोग के प्रभाव से शुभ परिस्थितियां आती हैं, यानि व्यक्ति के पास अवसर आता है, लेकिन उसका डरा हुआ मन उसे अस्वीकार कर देता है।
राजयोग बड़ी ज़िम्मेदारी लाता है, अगर व्यक्ति की आदतें, अनुशासन, सोच उस स्तर की नहीं है, तो राजयोग जन्मपत्री में केवल लिखा रह जाता है।
जीवन में सफलता और जन्मपत्री में राजयोग को घटित होने के लिए कई मानकों की आवश्यकता होती है, इसलिए कहा जाता है कि सफलता अकेले नहीं चलती, सही लोग, सही माहौल का साथ जरूरी है।
तो अगली बार किसी ज्योतिषी को जन्मपत्री दिखाने जाएं तो यह समझ लीजिएगा कि जन्मपत्री में लिखा राजयोग भाग्य की गारंटी बिल्कुल भी नहीं है, यह आपके सफल होने की उस संभावना को बताता है, जिसे आप उचित दिशा में कर्म कर पात्रता होने पर प्राप्त कर सकते हैं।
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आम आदमी पार्टी की सरकार क्या अबकी बार बन पाएगी ?
केजरीवाल के ग्रहों क्या कहते है ?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल की हवा खा चुके है एक बार फिर से चुनावी मैदान में कूदने को तैयार हैं।
आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दिल्ली के विधानसभा चुनाव के लिए आज अपना नामांकन दाखिल किया है।
अब देखना यह है कि क्या एक बार फिर से केजरीवाल दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनाने में सफल होंगे या फिर हार का सामना करना पड़ेगा।
आइए जानते हैं इस बारे में उनकी कुंडली क्या कहती है।
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दिल्ली में विधानसभा चुनावों की तारीख का एलान होते ही इस बात के कयास लगने लगे हैं कि आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री केजरीवाल को विपक्षी दल भाजपा और कांग्रेस किस प्रकार चुनौती दे पाएंगे।
लगभग 25 वर्षों से दिल्ली राज्य की सत्ता से दूर रही भाजपा अभी तक मुख्यमंत्री पद के अपने प्रत्याशी को तय नहीं कर पाई है।
दूसरी तरफ पिछले दो वर्षों में आम आदमी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप - मुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया तथा राज्य सभा के सदस्य संजय सिंह कथित शराब घोटाले के आरोपों में जेल जा चुके हैं जिससे पार्टी की छवि धूमिल हुई है।
दिल्ली प्रदेश में 1998 से लेकर 2013 तक शीला दीक्षित के नेतृत्व में सफलतापूर्वक सरकार चला चुकी कांग्रेस अब उनके बेटे संदीप दीक्षित को अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ विधानसभा चुनाव में उतार कर जोर - शोर से मुकाबले में आने को तैयार है।
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दिल्ली राज्य की कुंडली ( 1 फरवरी 1992 , मध्य रात्रि ) को तुला लग्न की बनती है।
तुला लग्न की इस कुंडली में चन्द्रमा की महादशा में शुक्र का अंतर सितम्बर 2023 से मई 2025 तक है।
चन्द्रमा और शुक्र दोनों स्त्रीकारक ग्रह हैं, जिस कारण से तीनों राष्ट्रीय पार्टियां आप, बीजेपी और कांग्रेस महिला वोटरों को लुभाने में इस बार कोई कसर नहीं छोड़ने वाली।
महिला उम्मीदवार भी इस बार के विधानसभा चुनावों में पिछले चुनाव के मुकाबले अधिक संख्या में जीतकर आ सकते हैं।
राज्य की वर्तमान मुख्यमंत्री आतिशी मार्लिना को भी दिल्ली राज्य की कुंडली में चल रही स्त्री कारक चंद्र - शुक्र की विंशोत्तरी दशा के चलते विशेष लाभ होगा।
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राहु के कारण अतिआत्मविश्वास में फंस सकती है बीजेपी ?
दिल्ली विधानसभा चुनावों में वर्ष 2020 में 38 % से कुछ अधिक मत हासिल करने के बावजूद भाजपा को अपनी प्रतिद्वंदी आम आदमी पार्टी की 62 सीटों के मुकाबले केवल 8 सीट प्राप्त हुई थी।
पिछले चुनावों में आम आदमी पार्टी बीजेपी से 15 % अधिक मत हासिल कर बम्पर सीटें जीतने में कामियाब हो गई थी।
अभी पिछले वर्ष के अन्त में हुए हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावों में अप्रत्याशित रूप से जोरदार जीत हासिल करने वाली बीजेपी की मिथुन लग्न की कुंडली ( 6 अप्रैल 1980 , सुबह 11 बज कर 45 मिनट दिल्ली ) में वर्तमान में चन्द्रमा में बुध में राहु की विंशोत्तरी दशा 1 दिसंबर 2024 से 17 फरवरी 2025 तक चल रही है।
मन के कारक ग्रह चन्द्रमा की महादशा में बुद्धि कारक बुध की अंतर दशा में राजनीतिक चातुर्य और भ्रम के कारक ग्रह राहु का प्रत्यंतर आना भाजपा की चुनावी रणनीति को कुछ डावांडोल कर सकता है।
चन्द्रमा विवाद के छठे भाव में, बुध भाग्य के नवम भाव में तथा राहु पराक्रम के तीसरे भाव में होकर विधानसभा चुनावों में बीजेपी की सीटें निश्चित रूप से बढ़ा सकते हैं किन्तु विवादों और ख़राब चुनावी रणनीति के कारण पार्टी इस बार भी दिल्ली राज्य की सत्ता से दूर रह सकती है।
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गुरु - राहु की दशा - छिद्र में फंसेगी कांग्रेस पार्टी ?
पिछले वर्ष हरियाणा और फिर महाराष्ट्र में अपने अतिआत्मविश्वास के चलते कांग्रेस पार्टी चुनावी बाज़ी हार गई थी।
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से हम कांग्रेस पार्टी की कुंडली 2 जनवरी 1978 ( दोपहर 12 बजे दिल्ली ) की लेते हैं जब इंदिरा गांधी ने पार्टी का विभाजन किया था।
कांग्रेस पार्टी की मीन लग्न की कुंडली में गुरु में राहु की अंतर दशा 3 मार्च 2025 तक है उसके बाद शनि की महादशा शुरू होगी।
जब एक महादशा समाप्त होकर दूसरी महादशा शुरू हो रही हो तो उस काल को दशा छिद्र कहते हैं जो कि बड़े परिवर्तनों को दर्शाता है।
5 फरवरी को दिल्ली के विधानसभा के चुनाव के समय कांग्रेस पार्टी की कुंडली में गुरु में राहु में मंगल की विंशोत्तरी दशा चलेगी।
गुरु अपनी शत्रु राशि मिथुन में कमज़ोर स्थिति में हैं।
राहु और मंगल की राशि और नवांश के अशुभ स्थिति पार्टी को कोई विशेष सफलता इन चुनावों में नहीं दे सकती।
आम आदमी पार्टी की शुभ दशा के दम पर सत्ता में वापसी कर सकते हैं केजरीवाल:
आम आदमी पार्टी ( आप ) की कुंडली 26 नवंबर 2012 को दोपहर 12 बजे दिल्ली में मकर लग्न के उदय होने के समय की है।
मकर लग्न की इस कुंडली में राजसत्ता के दशम भाव में शनि, शुक्र और बुध का बड़ा राजयोग बना हुआ है जिसके कारण यह पार्टी पहले दिल्ली और बाद में पंजाब जैसे प्रदेशों में सत्ता में आकर एक राष्ट्रीय दल के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल हो सकी है।
किन्तु ' आप ' की मकर लग्न की स्थापना कुंडली में हानि और कारावास के बाहरवें घर में मंगल बैठे हुए हैं....!
जो कि ज्योतिष के शास्त्रीय ग्रन्थ बृहत् यवन जातक के अनुसार ' बंधन योग ' यानि कारावास के योग का सृजन करते हैं।
अब केजरी वाल के ' बंधन योग ' यानि कारावास के योग खुद तो जाएगा दूसरे लोगो को भी जून 2025 तक साथ ले जाएगा !
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संजोग से 16 अगस्त 1968 को सुबह 7 बजकर 30 मिनट पर हरियाणा के भिवानी जिले में जन्मे अरविंद केजरीवाल की कुंडली सिंह लग्न की है...!
जिसमें हानि के बारहवें घर में बैठे मंगल और सूर्य दोनों सर्प द्रेष्काण में होकर कारावास का बंधन योग बना रहे हैं।
अरविन्द केजरीवाल की जन्म कुंडली में बारहवें घर के स्वामी चन्द्रमा नवम भाव में छठे ( रोग ) और सप्तम ( विरोधी पक्ष ) के स्वामी शनि के साथ युति कर एक ' विष योग ' का भी सृजन कर रहे हैं।
इन दोनों बुरे योगों के चलते उनको मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए पिछले वर्ष कथित शराब नीति घोटाले में जेल जाना पड़ा था और अभी वह जमानत पर रिहा हैं।
सिंह लग्न की कुंडली में शनि में शनि में बुध की विंशोत्तरी दशा में चल रहे अरविन्द केजरीवाल को इस बार चुनाव जीतने में कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा।
चूंकि प्रत्यंतर दशा नाथ बुध उनकी कुंडली में मित्र राशि सिंह में हो कर शुक्र और गुरु के साथ राज योग में सम्मलित है इसलिए वह अपनी पार्टी को सत्ता में बरक़रार रख सकते हैं।
आम आदमी पार्टी की मकर लग्न की कुंडली में शुक्र में शनि की परिवर्तनकारी विंशोत्तरी दशा चल रही है जिसमें अब स्त्री कारक ग्रह चन्द्रमा का प्रत्यंतर 17 जनवरी से शुरू हो जाएगा।
स्त्रीकारक ग्रह चन्द्रमा आम आदमी पार्टी की कुंडली में चतुर्थ भाव में हो कर कारक ग्रहों बुध, शनि और शुक्र से दृष्ट है.....!
जिसके चलते पार्टी महिला वोटरों और अपने संगठन के दम पर एक बेहद मुश्किल चुनाव में जीत हासिल कर सकती है।
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शश राजयोग 18 जनवरी 2025 को बना है...!
शश राजयोग 18 जनवरी 2025 को बना है शुभ संयोग, मिथुन समेत इन 5 राशियों को शनिदेव की कृपा से मिलेगा लाभ...!
18 जनवरी 2025 के दिन शश राजयोग, शोभन योग समेत कई विशेष फलदायक योग बन रहे हैं....! जिससे कल का दिन मिथुन, सिंह, तुला समेत अन्य 5 राशियों के लिए फायदेमंद रहने वाला है।
साथ ही शनिवार का दिन भाग्य के कारक ग्रह शनिदेव को समर्पित है....!
ऐसे में कल इन 5 राशियों को शनि देव की कृपा से मेहनत से बढ़कर भाग्य लाभ दिलाएगा।
आइए जानते हैं कल यानी शनिवार का दिन इन राशियों के लिए कैसा रहने वाला है।
18 जनवरी 2025 के दिन शनिवार को चंद्रमा सिंह और फिर कन्या राशि में संचार करने वाले हैं।
साथ ही कल माघ माघ मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है और इस दिन शश राजयोग, गजकेसरी योग, शोभन योग का भी संयोग बन रहा है।
इसके साथ ही चंद्रमा पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र से उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र पर संचार कर रहे हैं जिस पर कल गुरु की पंचम दृष्टि होने से इस दिन का महत्व बढ़ गया है।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कल बन रहे शुभ योग का फायदा 5 राशियों को मिलता हुआ दिख रहा है।
इन राशि वाले लोगों को कल किसी ऐसे स्रोत से फायदा मिल सकता है अनअपेक्षित होगा।
किसी शुभ मांगलिक कार्य में भाग लेने का भी इनके लिए संयोग बनेगा।
कार्यक्षेत्र में इनको कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
इन राशियों के लिए कुछ ज्योतिष उपाय भी बताए गए हैं....!
इन उपायों से कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति अनुकूल होगी और इन 5 राशियों भाग्य इनकी मेहनत से बढकर लाभ दिलाएगा।
आइए जानते हैं कल यानी 18 जनवरी का दिन किन - किन राशियों के लिए लकी रहने वाला है।
मिथुन राशि के लिए कैसा रहेगा 18 जनवरी का दिन:
मिथुन राशि के लिए कल यानी 18 जनवरी का दिन फलदायी और शुभ रहने वाला है।
मिथुन राशि वालों को नौकरी में अधिकारी वर्ग से सपोर्ट और सहयोग मिलेगा।
किसी सहयोगी और सहकर्मी की मदद से भी इनको फायदा मिलेगा।
परिवार के साथ आप कहीं घूमने जा सकते हैं।
आपके बच्चे कल शिक्षा प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करेंगे जिससे आपको खुशी मिलेग।
अगर आप किसी बिजनेस या निवेश में पैसा लगाएंगे तो आपको उम्मीद से बढ़कर लाभ मिलेगा।
पैतृक धन संपत्ति का भी आपको कल के दिन लाभ मिलता दिख रहा है।
खेल प्रतियोगिता में भी इस राशि के जातकों को सफलता मिलने की खुशी होगी।
मिथुन राशि वालों के लिए शनिवार के दिन का उपाय : हनुमानजी को सिंदूर का चोला चढ़ाएं और केले का भोग लगाएं।
सिंह राशि के लिए कैसा रहेगा 18 जनवरी का दिन:
सिंह राशि के लिए कल यानी 18 जनवरी का दिन सामाजिक क्षेत्र में प्रतिष्ठा और लाभ पाने के लिए अच्छा है।
आपको किसी संस्था या सामाजिक क्षेत्र से जुड़ने का मौका मिलेगा जिससे आपको फायदा मिलेगा।
राजनीति से जुड़े किसी व्यक्ति से आप सहायता मांगने जाएंगे तो आपको इसमें सफलता मिलेगी।
बिजनेस और कारोबार के लिए भी कल का दिन आपके लिए उत्तम रहेगा।
आपको किसी अप्रत्याशित स्रोत से धन का लाभ मिल सकता है।
ससुराल पक्ष से भी आपको फायदा मिलता दिख रहा है।
क्रोध को बस आप कंट्रोल में रखें।
सिंह राशि वालों के लिए शनिवार के दिन का उपाय : सवा किलो कोयला किसी को दान कर दें या चलते पानी में बहा दें।
तुला राशि के लिए कैसा रहेगा 18 जनवरी का दिन:
तुला राशि के लिए कल यानी 18 जनवरी का दिन भाग्यवर्धक रहेगा।
आपको कल के दिन किसी लंबे समय से अटके काम में सफलता मिलने की खुशी होगी।
आपके जीवनसाथी को कल कार्यक्षेत्र में कोई लाभ या सम्मान मिलने की खुशी होगी।
आपको कहीं से कोई गिफ्ट भी मिल सकता है।
आपका पैसा कहीं पर फंसा हुआ तो उसके मिलने की संभावना रहेगी।
लेकिन आपको भी हिसाब किताब में साफ रहना होगा।
आप किसी की मदद करेंगे तो आपको बदले में बढ़कर कहीं से लाभ और सहयोग मिलेगा।
आपके बच्चे कल शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
जमीन जायदाद से संबंधित कार्य में आपको कल कामयाबी मिलेगी।
लेकिन अपनी सेहत के मामले में लापरवाही से बचें।
तुला राशि वालों के लिए शनिवार के दिन का उपाय : कल तुला राशि के लोगों को काले तिल को जल में मिलाकर पीपल को अर्घ्य देना चाहिए। किसी से लोहे की वस्तु न लें।
मकर राशि के लिए कैसा रहेगा 18 जनवरी का दिन:
मकर राशि के लिए कल 18 जनवरी का दिन शनि महाराज की कृपा से लाभदायक रहेगा।
आप किसी जमीन या प्रॉपर्टी में पैसा लगाकर भविष्य में बड़ा लाभ कमा सकते हें।
आपको कल नौकरी में अधिकारी वर्ग से सपोर्ट और सहयोग मिलेगा।
आपका कोई महत्वपूर्ण काम किसी परिचित की मदद से सफलतापूर्वक पूरा हो जाएगा।
बिजनेस में आपको आर्थिक लाभ मिलेगा।
कोई उलझा हुआ मामला भी आपका सुलझ सकता है।
आप कोई नया काम या कारोबार शुरू करना चाह रहे हैं तो आपको ईश्वर का नाम लेकर शुरू कर देना चाहिए, इसका आपको आगे चलकर लाभ मिलेगा।
मकर राशि वालों के लिए शनिवार के दिन का उपाय : आपको सात पीपल के पत्तों पर सात प्रकार की मिठाई रखकर पीपल की पूजा करनी चाहिए और यह प्रसाद भिखारियों में बांट दें। साढेसाती की प्रतिकूलता में कमी आएगी।
मीन राशि के लिए कैसा रहेगा 18 जनवरी का दिन:
मीन राशि के लिए कल 18 जनवरी का दिन परिश्रम से बढ़कर लाभ दिलाने वाला होगा।
कल आप अपने कारोबार में कुछ नई योजना को लागू करके लाभ कमा सकते हैं।
आपको किसी दूर रहने वाले संबंधी और मित्र से भी सहयोग मिलता दिख रहा है।
घर के बड़े आपसे प्रसन्न होकर आपको कोई गिफ्ट दे सकते हैं।
आपके लिए विदेश भी लाभ के संयोग बन रहे हैं।
नौकरी में आपको सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा।
किराना और खाने पीने के कारोबार में आपकी कल विशेष रूप से कमाई होगी।
जीवनसाथी की सेहत खराब चल रही है तो उनके स्वास्थ्य में सुधार होगा।
आपके संपर्क का दायरा भी बढेगा।
मीन राशि वालों के लिए शनिवार के दिन का उपाय : आप ग्यारह बार शनि स्तोत्र का पाठ करें और तिल से बनी चीजों का सेवन करें।
|| शनिचरी अमावस्या ||
इस साल भाद्रपद अमावस्या की तिथि 22 अगस्त की सुबह 11 बजकर 55 मिनट से शुरू हो रही है और इसका समापन 23 अगस्त की सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर हो जाएगा।
ऐसे में 23 अगस्त को हीअमावस्या मनाई जाएगी....!
शनिवार के दिन पड़ने के चलते इसे शनिचरी अमावस्या कहते हैं।
शनि- नवग्रहों में शनि को सप्तम ग्रह के रूप में मान्यता है।
लिखा है-
अथ खेटा रविश्चन्द्रो मंगलश्व बुधस्तथा।
गुरु: शुक्र: शनि राहु: केतुश्चेते यथाक्रमम्।'
रवि, चन्द्र, मंगल, बुध,बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु व केतु ये क्रम से नवग्रह हैं।
शनि के नाम - मंद, कोण, यम और कृष्ण हैं।
शनि क्रूर ग्रह ( पाप ग्रह ) है।
तर्त्राक शनि भूस्वुत्रा: क्षीणेन्दु - राहु - केतव:।
क्रूरा:, शेषग्रहा सौम्या क्रूर: क्रूर - युतोबुध:।
इन ग्रहों में रवि, शनि, मंगल, क्षीणचन्द्र, राहु - केतु को क्रूर ग्रह में लिखा गया है जिसमें शनि भी है।
छाया सुनुश्चेदु: खद: से शनि को दु:खस्वरूप कहा है।
शनि को श्रमिक या भृत्य का कारक कहा गया है।
शनि को कृष्ण वर्ण कहा है।
शनि स्त्री - पुरुषादि में नपुंसक हैं और वायुतत्व हैं।
शनि तमोगुणी है।
शनि का स्वरूप दुर्बल, लंबादेह, पिंगल नेत्र, वात प्रकृति, स्थूल दंत, आलसी, पंगु, कठोर रोम वाला कहा है।
शरीर में स्नायुओं का शनि स्वामी है।
कसैला रस शनि का है।
शनि पश्चिम दिशा का स्वामी है।
शनि रात्रि बली है।
शनि कृष्ण पक्ष में, दक्षिणायन में बली होते हैं।
कुत्सित वृक्षों का शनि स्वामी है।
नीरस वृक्षों की उत्पत्ति शनि से होती है।
शनि शिशिर ऋतु का स्वामी है।
वृद्धस्वरूप है।
|| जय शनिदेव प्रणाम आपको ||
जरा रूपं हरति, धैर्यमाशा
मॄत्यु:प्राणान् , धर्मचर्यामसूया ।
क्रोध: श्रियं शीलमनार्यसेवा
ह्रियं काम: , सर्वमेवाभिमान: ॥
भावार्थ : वृद्धावस्था से रूप का हरण होता है, आशा एवम् तॄष्णा से धैर्य का, मॄत्यु से प्राण का हरण होता है ।
मत्सर, ईर्ष्या से धर्माचरण का, क्रोध से संपत्ति का तथा दुष्टों की सेवा करने से शील का नाश होता है।
काम वासना से लज्जा का और अभिमान से तो सभी गुणों का अन्त हो जाता है ।
!!!!! शुभमस्तु !!!
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