।। श्री ऋग्वेद के अनुसार भाग्यांक मूलांक ज्योतिष में कैसा होता है उसकी गणना केसी होती है।।

सभी ज्योतिष मित्रों को मेरा निवेदन हे आप मेरा दिया हुवा लेखो की कोपी ना करे में किसी के लेखो की कोपी नहीं करता,  किसी ने किसी का लेखो की कोपी किया हो तो वाही विद्या आगे बठाने की नही हे कोपी करने से आप को ज्ञ्नान नही मिल्त्ता भाई और आगे भी नही बढ़ता , आप आपके महेनत से तयार होने से बहुत आगे बठा जाता हे धन्यवाद ........
जय द्वारकाधीश

।। श्री ऋग्वेद के अनुसार भाग्यांक मूलांक ज्योतिष में कैसा होता है उसकी गणना केसी होती है।।


श्री ऋग्वेद के अनुसार भाग्यांक मूलांक ज्योतिष में कैसा होता है उसकी गणना केसी होती है।

भाग्यांक और मूलांक  हमारी लाइफ में बड़ा महत्व रखते हैं। 

कई बार हमें जन्म का समय या स्थान मालूम नहीं होता। 

ऐसे में कुंडली बना पाना कठिन हो जाता है।

 मूलांक उन लोगों के लिए एक सटीक आधार है। 

अपने बारे में जानने का और भविष्य में घटने वाली घटनाओं का अनुमान लगाने का अंक ज्योतिष एक सरल माध्यम हो सकता है।

भाग्यांक :-

भाग्यांक का उपयोग महत्वपूर्ण घटनाओं का समय या तिथि जानने के लिए किया जाता है। 

आज कल जो नाम का अक्षर बदलने का चलन चल रहा है ।

वह भी भाग्यांक के ही आधार पर किया जाता है।







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भाग्यांक की गणना थोड़ी विस्तृत होती है। 

यह वह अंक होता है ।

जो आपके जीवन में बार - बार किसी न किसी तरह आता ही है ।

और आपको अच्छे या बुरे रूप में प्रभावित करता है।

भाग्यांक निकलने के लिए जन्म तारीख, माह और सन लिखा जाता है ।

और फिर उनका योग किया जाता है। 

जैसे यदि आपकी जन्म तारीख, माह व सन 2-3-1970 है ।

तो आपका भाग्यांक 2+3+1+9+7+0 =22 = 2+2 = 4 होगा। 

यानि इस पूरी डीटेल्स के लिए भाग्यांक 4 होगा। 

विवाह, काम करने की जगह, भाग्यशाली शहर, लकी अंक आदि के बारे में भाग्यांक के द्वारा ही जाना जाता है।







मूलांक :-

मूलांक का अर्थ है आपके जन्म की तारीख।

यानि यदि आपका जन्म 2 मार्च को हुआ है तो आपका मूलांक 2 होगा। 

मूलांक हमारे स्वभाव, प्रकृति, गुण,दोष आदि के बारे बताता है। 

हमारे लिए जीवन में क्या उपयोगी है और क्या अनुपयोगी, यह मूलांक से ही जाना जाता है।

यह आपके मित्र और शत्रुओं के बारे में भी बताता है।

आपके करियर, जीवनसाथी, कार्यक्षेत्र और भाग्योदय की भी जानकारी देता है। 

मूलांक 1 से 9 तक माने जाते हैं। 

जिन लोगों का जन्म 9 से अधिक संख्या वाली तारीख को हुआ है वे अपने जन्मदिनांक को आपस में जोड़कर मूलांक पा सकते हैं। 

जैसे जिनका जन्म 11 तारीख को हुआ है उनका मूलांक 2 होगा। 

( 1 + 1 = 2 )। 

इसी तरह अन्य मूलांक आपस में जोड़कर निकाले जा सकते हैं।

मूलांक 2 वालों को  नए अवसर...!

मूलांक 2 वालों को नौकरी के मिल सकते हैं नए अवसर,

वैदिक अंक ज्योतिष विधा शास्त्र में अंकों के माध्यम द्वारा गणित के नियमों का व्यावहारिक उपयोग करके मनुष्य के विभिन्न पक्षों, उसकी विचारधारा, जीवन के विषय इत्यादि का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाता है।

वैदिक अंक ज्योतिष शास्त्र विद्या का अंक ज्योतिष में व्यक्ति के भविष्य का आकलन मुख्य रूप से उसके मूलांक के आधार पर किया जा सकता है, जो जन्म तिथि से जाना जाता है। 

अंकशास्त्र, सामान्य तौर पर किसी व्यक्ति के जन्म की तारीख पर होने वाली संख्याओं के कुल योग का अध्ययन करता है। इसमें कुल मूलांक 1 से लेकर 9 तक होता है।  

सभी अंक किसी न किसी ग्रह का प्रतिनिधित्व करते हैं। 

और इनसे ही मूलांक और भाग्यांक की गणना करके दैनिक अंक ज्योतिष भविष्यफल, साप्ताहिक अंकज्योतिष भविष्यफल, मासिक अंकज्योतिष भविष्यफल और वार्षिक अंकज्योतिष भविष्यफल के साथ ही आपके जीवन से जुड़ी तमाम घटनाओं के बारे में यहां हम आपको जानकारी देते हैं जिससे आपका जीवन सुखमय और समृद्ध बन सके। 

उदाहरण के लिए समझिए यदि किसी व्यक्ति का जन्म 23 अप्रैल को हुआ है तो उसकी जन्म तारीख के अंकों का योग 2+3=5 आता है। यानि 5 उस व्यक्ति का मूलांक कहा जाएगा। 

अगर किसी की जन्मतिथि दो अंकों यानी 11 है तो उसका मूलांक 1+1= 2 होगा। वहीं जन्म तिथि, जन्म माह और जन्म वर्ष का कुल योग भाग्यांक कहलाता है। 

जैसे अगर किसी का जन्म 22-04-1996 को हुआ है तो इन सभी अंकों के योग को भाग्यांक कहा जाता है। 

2+2+0+4+1+9+9+6=33=6 यानी उसका भाग्यांक 6 है।

इस अंक ज्योतिष को पढ़कर आप अपनी दैनिक योजनाओं को सफल बनाने में कामयाब रहेंगे। 

जैसे दैनिक अंक ज्योतिष आपके मूलांक के आधार पर आपको यह बताएगा कि आज के दिन आपके सितारे आपके अनुकूल हैं या नहीं। 

आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है या फिर किस तरह के अवसर आपको प्राप्त हो सकते हैं। 

अंक ज्योतिष की भविष्यवाणी को पढ़कर आप दोनों ही परिस्थिति के लिए तैयार हो सकते हैं। 

तो चलिए अंक शास्त्र के माध्यम से जानते हैं आपका मूलांक, शुभ अंक और लकी कलर कौन सा है।

अंक 1 :

आपके लिए मुश्किलों भरा हो सकता है। कार्यक्षेत्र की गतिविधियों में व्यस्त रह सकते हैं। 

किसी पुराने काम को लेकर यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। 

निवेश के लिए रुकना बेहतर रहेगा। 

वैवाहिक जीवन सामान्य रहेगा।

शुभ अंक-29 
शुभ रंग- गुलाबी

अंक 2 :

आपको नौकरी के नए अवसरों की प्राप्ति होगी। 

साझेदारी में काम करने से लाभ हो सकता है।  

जीवनसाथी से रिश्ता और मजबूत होगा। 

आप किसी वाहन की खरीदारी कर सकते हैं। 

आध्यात्मिक यात्रा का योग बनेगा।

शुभ अंक- 9 
शुभ रंग- केसरिया

अंक 3 :

आपको अपने व्यवहार पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है। 

आपकी किसी पुरानी गलती से पर्दा उठ सकता है। 

धार्मिक कामों के प्रति आपकी काफी रुचि रहेगी। 

अगर आप संतान के करियर को लेकर परेशान चल रहे थे, उस समस्या का हल होगा। निवेश में खुशखबरी सुनने को मिल सकती है।

शुभ अंक- 20
शुभ रंग-  लाल

अंक 4 :

आपको घर और नौकरी दोनों जगह सही तालमेल बनाना होगा। 

आपकी संवेदनशीलता आपको पुराने दिनों की याद करा सकती है। 

आप मानसिक रूप से बहुत सक्रिय हैं, इस लिए समस्याओं का समाधान आसानी से होगा। परिवार के सदस्यों का भरपूर साथ मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 

शुभ अंक- 52 
शुभ रंग- सिल्वर

अंक 5 :

निवेश में धन लाभ होने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। 

घर कोई नया वाहन आ सकता है। 

आपको जीवनसाथी के मन में चल रही उलझनों को लेकर बातचीत करनी पड़ सकती है। 

भाग्य आपका पूरा साथ देने वाला है। 

शुभ अंक- 2 
शुभ रंग- क्रीम

अंक 6 :

बिजनेस में आपको पार्टनरशिप में नुकसान होगा। 

खर्चों के बढ़ने से मन परेशान हो सकता है। 

आप किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जाने की प्लानिंग कर सकते हैं। 

बचत की योजनाएं सफल होंगी।

शुभ अंक- 25 
शुभ रंग- गुलाबी

अंक 7 :

आज भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होने पर मन प्रसन्न रहेगा। 

नौकरी पेशा व्यक्तियों को मनचाही सफलता मिल सकती है। 

कोई पैतृक संपत्ति से जुड़ा मामला हल हो सकता है। 

घर के वरिष्ठ सदस्यों का सहयोग प्राप्त होगा। 

शुभ अंक- 9 
शुभ रंग- केसरिया

अंक 8 :

कार्यक्षेत्र में किसी नए प्रोजेक्ट का हिस्सा बन सकते है। 

नौकरी की तालाश कर रहे लोगों को अभी और मेहनत करनी होगी। 

धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। 

जीवनसाथी के लिए आप कोई सरप्राइज गिफ्ट लेकर आएंगे। 

आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।

शुभ अंक-29 
शुभ रंग- गुलाबी

अंक 9 :

नौकरी में बदलाव की योजना बना रहे लोगों के लिए दिन अच्छा रहेगा। 

संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। 

घर में किसी महंगी वस्तु को लेकर आ सकते हैं। 

कारोबार में धन लाभ की प्राप्ति संभव है। 

शुभ अंक- 8
शुभ रंग- हरा

         !!!!! शुभमस्तु !!!

🙏हर हर महादेव हर...!!
जय माँ अंबे ...!!!🙏🙏

पंडित राज्यगुरु प्रभुलाल पी. वोरिया क्षत्रिय राजपूत जड़ेजा कुल गुर:-
PROFESSIONAL ASTROLOGER EXPERT IN:- 
-: 1987 YEARS ASTROLOGY EXPERIENCE :-
(2 Gold Medalist in Astrology & Vastu Science) 
" Opp. Shri Dhanlakshmi Strits , Marwar Strits, RAMESHWARM - 623526 ( TAMILANADU )
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नोट ये मेरा शोख नही हे मेरा जॉब हे कृप्या आप मुक्त सेवा के लिए कष्ट ना दे .....
जय द्वारकाधीश....
जय जय परशुरामजी...🙏🙏🙏

।। श्री यजुर्वेद के अनुसार जातक की कुंडली के इस योग में होती है लव मैरिज / પાપ ગ્રહ રાહુ વર્ષ 2025માં કુંભ રાશિમાં પ્રવેશ કરશે. ।।

सभी ज्योतिष मित्रों को मेरा निवेदन हे आप मेरा दिया हुवा लेखो की कोपी ना करे में किसी के लेखो की कोपी नहीं करता,  किसी ने किसी का लेखो की कोपी किया हो तो वाही विद्या आगे बठाने की नही हे कोपी करने से आप को ज्ञ्नान नही मिल्त्ता भाई और आगे भी नही बढ़ता , आप आपके महेनत से तयार होने से बहुत आगे बठा जाता हे धन्यवाद ........
जय द्वारकाधीश


।। श्री यजुर्वेद के अनुसार जातक की कुंडली के इस योग में होती है लव मैरिज / પાપ ગ્રહ રાહુ વર્ષ 2025માં કુંભ રાશિમાં પ્રવેશ કરશે. ।।


जातक की कुंडली के इस योग में होती है लव मैरिज


यजुर्वेद में ज्योतिष शास्त्र अध्ययन में बताया गया है कि सप्तम स्थान विवाह का होता है। 

हिंदू धर्म में 8 प्रकार के विवाह माने गये है ब्रह्मा विवाह को सर्वश्रेष्ट तथा पैशाच विवाह को निकृष्ट विवाह की श्रेणी में रखा गया है। 

इन में गंधर्व विवाह भी विवाह का एक प्रकार है। 






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गंधर्व विवाह को ही प्रेम विवाह कहा जाता है। 

प्रेम विवाह में वर कन्या अपनी मर्जी से विवाह करते है ।

ज्योतिषाचार्य पं. प्रभु राज्यगुरु  ने बताया कि जन्म कुंडली का सप्तम स्थान विवाह स्थान होता है ।










जब सप्तम या सप्तमेष का सम्बंध 3,5,9,11 और 12वें भाव के मालिक के साथ बनता हैं तब जातक प्रेम विवाह करता है। 

इन सम्बंधों में दृष्टी युति के अतिरिकत त्रिकोण तथा केंद्र सम्बंधों को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। 

सप्तमेश यदि पंचम स्थान के मालिक के साथ 3, 5 ,7, 11 और 12 वें भाव में स्थित हो तो जातक प्रेम विवाह अवश्य करता है। 

पंचम स्थान प्रेम सम्बन्ध तथा मित्रों का माना जाता है ।

ऐसे में सप्तमेष का सम्बंध पंचमेश से हो जाये तो व्यक्ति के प्रेम विवाह करने के योग बनते है.!!


પાપ ગ્રહ રાહુ વર્ષ 2025માં કુંભ રાશિમાં પ્રવેશ કરશે. 


પાપ ગ્રહ રાહુ વર્ષ 2025માં કુંભ રાશિમાં પ્રવેશ કરશે. આ રાશિમાં રાહુ ગ્રહના આગમનથી મેષ સહિત આ ત્રણ રાશિના જાતકોને દરેક ક્ષેત્રમાં સફળતા મળવાની સાથે ધનલાભ થઈ શકે છે.


વૈદિક જ્યોતિષ શાસ્ત્રમાં રાહુને પાપી, છાયા ગ્રહ માનવામાં આવે છે. પરંતુ તેનું મહત્વ ઘણું વધારે છે. 

રાહુ ગ્રહ છેલ્લા કેટલાક સમયથી ગુરુ ગ્રહની મીન રાશિ મીનમાં બિરાજમાન છે. 

પરંતુ નવા વર્ષના 18 મેના રોજ સાંજે 5.08 વાગ્યે તે કુંભ રાશિમાં પ્રવેશ કરશે. 

રાહુ ગ્રહ આ કુંભ રાશિમાં લગભગ 18 મહિના સુધી રહેશે. 

આવી સ્થિતિમાં તેની અસર 12 રાશિઓના જીવનમાં લાંબા સમય સુધી રહેશે. 

કેટલીક રાશિઓને શનિની રાશિમાં રાહુ ગ્રહના ગોચરથી ફાયદો થશે અને અમુક રાશિના જાતકોએ સાવધાન રહેવાની જરૂર છે. 

આવો જાણીએ કુંભ રાશિમાં રાહુ ગોચર કઇ કઇ રાશિના જાતકો માટે શુભ રહેશે.

વૈદિક જ્યોતિષ શાસ્ત્ર અનુસાર રાહુ ગ્રહ હંમેશા વક્રી ગતિ કરે છે. આ કારણે તે મેષ રાશિમાં નહીં પણ કુંભ રાશિમાં પ્રવેશ કરશે.


મેષ રાશિ


રાહુ ગ્રહનું કુંભ રાશિમાં ગોચર મેષ રાશિના જાતકો માટે ફાયદાકારક સાબિત થઈ શકે છે.

રાહુ આ રાશિના અગિયારમાં ભવમાં પ્રવેશ કરશે. 


આવી સ્થિતિમાં આ રાશિના જાતકોને ઈચ્છિત પરિણામ મળી શકે છે. 

આ સાથે લાંબા સમયથી અટકેલા કામને પૂર્ણ કરી શકાશે. 

આર્થિક સ્થિતિમાં નોંધપાત્ર સુધારો થવાનો છે. 

સમાજમાં માન સન્માનમાં વધારો થવાનો છે. 

નવા લોકો સાથે મુલાકાત થઇ શકે છે. 

તમે તેમની સાથે સમય પસાર કરવાનું પસંદ કરી શકો છો. 

પરિવારમાં તમને વધુ મહત્વ મળશે. 

તમે શેર બજાર દ્વારા ઘણા પૈસા કમાઇ શકો છો. 

શેરબજારમાં નાણાંનું રોકાણ કરતા પહેલા તમારે ધ્યાનથી વિચારવું જોઈએ. 

કાર્યક્ષેત્રમાં સફળતા મળવાના યોગ છે. 

તમારા પગારમાં વધારા સાથે પ્રમોશન મળી શકે છે.


સિંહ રાશિ


સિંહ રાશિના જાતકો માટે રાહુ ગ્રહનું કુંભ રાશિમાં ગોચર ફાયદાકારક સાબિત થઈ શકે છે.

કરિયરની દ્રષ્ટિએ આ રાશિના જાતકો માટે નવું વર્ષ ખૂબ જ સારું રહેવાનું છે. 


પ્રમોશનની સાથે પગાર વધારો પણ કરવામાં આવી રહ્યો છે. 

આ સાથે હવે પરિવારમાં સમસ્યાઓનો અંત આવી શકે છે. 

આ સાથે તમને તમારા જીવનસાથીનો સંપૂર્ણ સહયોગ મળશે, 

જેથી તમે ઘણા અવરોધોને સરળતાથી પાર કરી શકશો. 

જીવનમાં સુખ - શાંતિમાં વૃદ્ધિ થશે. 

કોર્ટ કેસોમાં સફળતા મળી શકે છે. 

વિદેશ વેપારમાં લાભ મળી શકે છે.


તુલા રાશિ


તુલા રાશિના જાતકો માટે રાહુ ગ્રહનું કુંભ રાશિમાં ગોચર ફાયદા કારક સાબિત થઈ શકે છે.

આ રાશિના પાંચમા ભાવમાં રાહુ રહેશે. 

આવી સ્થિતિમાં, આ રાશિના જાતકોને સારા પરિણામ મળવાની પૂરી સંભાવનાઓ જોવા મળી રહી છે. 

આ સાથે જ શિક્ષણ ક્ષેત્રે પણ ઘણો ફાયદો થઇ શકે છે. 

લવ લાઈફ સારી બનશે. 

તમારા જીવનસાથી સાથે તમારો સારો સમય પસાર થશે. 

આ સાથે જ દાંપત્ય જીવનમાં ચાલી રહેલી સમસ્યાઓનો હવે અંત આવી શકે છે. 

રોકાણ દ્વારા તમે અઢળક કમાણી કરી શકો છો, 

સાથે જ સ્વાસ્થ્યનું પણ ખાસ ધ્યાન રાખવાની જરૂર છે.


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पितृ पक्ष श्राद्ध सन् 2025


अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा भावना रखते हुए आश्विन कृष्ण पक्ष में पितृ -तर्पण एवं श्राद्धकर्म करना परम आवश्यक है। 


जिससे स्वास्थ्य, समृद्धि, आयु, सुख - शान्ति, वंशवृद्धि एवं उत्तम सन्तान की प्राप्ति होती है। 


श्रद्धापूर्वक किये जाने के कारण ही इसका नाम श्राद्ध है।


भाद्रपद पूर्णिमा पितृ पक्ष आरम्भ वि. सं० 2082 आश्विन कृष्ण पक्ष पितृ पक्ष में आत्मीय व्यक्ति की जो तिथि आए, उस तिथि में पार्वण श्राद्ध करने का विधान है । 


पार्वण श्राद्ध में पिता, पितामह, सपत्नीक अर्थात् माता, दादा और परदादी सहित छ: जनों का श्राद्ध होता है।


 पूर्वाह्णे मातृकं श्राद्धमपराह्णे तु पैतृकम् ।।

एकोदि्दष्टं तु मध्याह्ने प्रातर्वृद्धि निमित्तकम् ।।


मृत्यु तिथि यदि दो दिन अपराह्ण- असमान रूप से व्याप्त हो या एक दिन अधिक और दूसरे दिन कम समय के लिये व्याप्त करे तो अधिक अपराह्न काल वाले दिन श्राद्ध किया जा सकता है। 


अपराह्ण -द्वये चामा यदि स्यात् तत्रयाऽधिका।

सा ग्राह्या यदि तुल्या स्यादग्रे वृद्धौ परा स्मृता।।


इस वर्ष अश्विन कृष्ण तृतीया/चतुर्थी तिथि का श्राद्ध 10 सितम्बर दिन बुधवार को किया जायेगा।


पूर्वाह्णो वै देवानानं मध्याह्ने मनुष्याणामपराह्ण पितृणां-श्रुति पूर्वाह्णे दैविकं श्राद्धमपराह्णे तु पार्वणम्।।


भाद्रपद पूर्णिमा प्रोष्ठपदी महालय श्राद्ध प्रारम्भ 07 सितम्बर दिन रविवार को


प्रतिपदा तिथि श्राद्ध 08 सितम्बर दिन सोमवार को


द्वितीया तिथि श्राद्ध 09 सितम्बर दिन मंगलवार को


तृतीया तथा चतुर्थी तिथि का श्राद्ध 10 सितम्बर 2025 दिन बुधवार को किय जायेगा।


पंचमी तिथि श्राद्ध 11 सितम्बर दिन गुरुवार,


षष्ठी तिथि श्राद्ध 12 सितम्बर दिन शुक्रवार,   

    

सप्तमी तिथि 13 सितम्बर दिन शनिवार


अष्टमी तिथि श्राद्ध 14 सितम्बर रविवार,      


नवमी तिथि श्राद्ध 15 सितम्बर दिन सोमवार, 


दशमी 16 सितम्बर दिन मंगलवार,


एकादशी तिथि श्राद्ध 17 सितम्बर दिन बुधवार,


द्वादशी तिथि श्राद्ध 18 सितम्बर दिन गुरुवार,


त्रयोदशी तिथि श्राद्ध 19 सितम्बर दिन शुक्रवार, अश्विन कृष्ण त्रयोदशी में पितृ श्राद्ध का विशेष महात्म्य है। 


चतुर्दशी तिथि श्राद्ध 20 सितम्बर दिन शनिवार,     


आश्विन / महालय अमावस सर्वपितृश्राद्ध 21 सितम्बर दिन रविवार, 


सुयोग्य श्रोत्रिय आदि ब्राह्मणों के न मिलने पर श्राद्ध के लिए मध्यम ब्राह्मण मातामहादि संबंधियों को ही श्राद्ध में निमंत्रित करना चाहिए  


एतान् मातामहादीन् दश मुख्यश्रोत्रियाऽऽद्यसम्भवे भोजयेत्।

मातामहं मातुलं च स्वस्रीयं श्वशुरं गुरुम्।

दौहित्रं विट्पतिं बन्धुमृत्विग्याज्यौ च भोजयेत्।। 


अर्थात्—  नाना,  मामा, भांजे,  ससुर, गुरु, दौहित्र ( पुत्रीका पुत्र ), दामाद, बंधु , ऋत्विक  और अपने यजमान को भी देवकार्य एवं पितृ कार्य में भोजनीय ब्राह्मण के रूप में भोजन करावे श्राद्ध में भोजन के लिए भान्जा मिले तो दस ब्राह्मणों से श्रेष्ठ है।


🌻🌿🏵🪷🥀🙏💐🪔🪴🌳

         !!!!! शुभमस्तु !!!

🙏हर हर महादेव हर...!!
जय माँ अंबे ...!!!🙏🙏

पंडित राज्यगुरु प्रभुलाल पी. वोरिया क्षत्रिय राजपूत जड़ेजा कुल गुर:-
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वैदिक ज्योतिष शास्त्र का पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र क्या है ?

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